
विषय-सूची
ERP बनाम MES का सवाल समय और ओनरशिप पर आकर रुकता है। ERP दिनों और हफ़्तों में प्रोडक्शन की योजना बनाता है, ख़रीद करता है, लागत निकालता है और हिसाब रखता है। मैन्युफ़ैक्चरिंग एक्ज़ीक्यूशन सिस्टम (MES) सेकंड और शिफ़्ट में शॉप फ़्लोर पर प्रोडक्शन चलाता है, फिर रिपोर्ट करता है कि क्या हुआ।
SAP Digital Manufacturing, SAP का MES है। यह SAP S/4HANA या SAP ECC से प्रोडक्शन ऑर्डर और मास्टर डेटा लेता है और कन्फ़र्मेशन, खपत और गुड्स रिसीट वापस भेजता है।
अगर आप अभी ERP ही चुन रहे हैं, तो मैन्युफ़ैक्चरिंग के लिए सबसे अच्छा ERP वाली मेरी तुलना से शुरू करें। यह लेख एक परत नीचे जाता है: हर सिस्टम के पास क्या है, शॉप-फ़्लोर प्रोडक्ट्स कहाँ फ़िट होते हैं और दोनों को कैसे जोड़ा जाता है।
मैंने SAP Digital Manufacturing, Siemens Opcenter और Kinexon के साथ काम किया है। SAP का MES और Siemens Opcenter दोनों ERP के ऊपर बैठते हैं, और दोनों के बीच की रेखा पर ही डिज़ाइन का ज़्यादातर काम होता है।
हब लेख में छोटी तुलना है। यहाँ सवाल ज़्यादा सीमित है: हर रिकॉर्ड के लिए कौन-सा सिस्टम मास्टर है, और किसे सिर्फ़ उसकी कॉपी मिलती है?
Opcenter बनाने वाली Siemens इसे ISA-95 के शब्दों में रखती है। ERP बिज़नेस लॉजिस्टिक्स के लिए Level 4 सिस्टम है और MES, Level 3 ऑपरेशंस सिस्टम। ERP डिमांड, बिल ऑफ़ मटीरियल्स और मास्टर डेटा नीचे भेजता है; MES खपत, स्क्रैप और कम्प्लीशन ऊपर भेजता है।
ओनरशिप आमतौर पर ऐसे बँटती है। आपका बँटवारा अलग हो सकता है, लेकिन कॉन्फ़िगरेशन शुरू होने से पहले हर पंक्ति का जवाब होना चाहिए:
| रिकॉर्ड | आमतौर पर किसके पास | दूसरे सिस्टम की भूमिका |
|---|---|---|
| मटीरियल मास्टर, BOM, रूटिंग या रेसिपी | ERP | MES को ऑर्डर के साथ एक कॉपी मिलती है |
| प्रोडक्शन या प्रोसेस ऑर्डर | ERP बनाता और रिलीज़ करता है | MES हर स्टेप एक्ज़ीक्यूट और ट्रैक करता है |
| लाइन पर ऑपरेशन का क्रम और वर्क इंस्ट्रक्शंस | MES | ERP के पास वह रूटिंग है जिससे यह बना |
| मशीन डेटा, डाउनटाइम और OEE | MES | ERP को शायद ही विवरण चाहिए, सिर्फ़ नतीजा |
| यील्ड और स्क्रैप कन्फ़र्मेशन | MES दर्ज करता है | ERP उन्हें लागत और स्टॉक में पोस्ट करता है |
| कंपोनेंट खपत और गुड्स रिसीट | MES इन्हें ट्रिगर करता है | ERP इन्वेंटरी पोस्ट करता है और उसका मूल्यांकन करता है |
| लाइन पर बैच या सीरियल जीनियोलॉजी | MES | ERP के पास बैच मास्टर और स्टॉक है |
| इन-प्रोसेस इंस्पेक्शन रिज़ल्ट | MES दर्ज करता है | ERP क्वालिटी मैनेजमेंट लॉट और यूसेज डिसीज़न रखता है |
| प्रोडक्ट लागत, WIP और वेरिएंस | ERP | MES को लागत नहीं दिखती |
आख़िरी पंक्ति वह है जिसे लोग भूल जाते हैं। MES कभी पैसा नहीं देखता, फिर भी उसके ऊपर की हर पंक्ति ऑर्डर की लागत में जाती है।
SAP के मौजूदा फ़ीचर स्कोप डिस्क्रिप्शन (रिलीज़ 2608) के अनुसार SAP Digital Manufacturing चार हिस्सों वाला एक क्लाउड प्रोडक्ट है:
- एक्ज़ीक्यूशन: ऑर्डर रिलीज़, स्टेप-दर-स्टेप वर्क इन प्रोग्रेस, ऑपरेटर डैशबोर्ड, वर्क इंस्ट्रक्शंस, क्वालिटी इंस्पेक्शन, जीनियोलॉजी, OEE और डाउनटाइम, और इसके Production Connector के ज़रिए मशीन इंटीग्रेशन
- इश्यू रिज़ॉल्यूशन: सप्लायर्स, ग्राहकों या अंदरूनी टीमों के साथ व्यवस्थित तरीक़े से समस्या सुलझाना
- इनसाइट्स: एक्ज़ीक्यूशन से इकट्ठा हुए प्रोडक्शन डेटा पर लाइव मॉनिटरिंग और एनालिटिक्स
- एज कंप्यूटिंग: फ़ंक्शंस का एक तय सेट साइट पर, मशीनों के पास चलता है, ताकि क्लाउड से कनेक्टिविटी कमज़ोर होने पर भी प्लांट काम करता रहे
SAP Learning बताता है कि S/4HANA और SAP Digital Manufacturing के बीच क्या आता-जाता है। नीचे जाते हैं मटीरियल, वर्क सेंटर, BOM, रूटिंग या रेसिपी के साथ ऑर्डर, इन्वेंटरी डेटा और इंस्पेक्शन की जानकारी। वापस आते हैं यील्ड, स्क्रैप और समय के साथ ऑपरेशन कन्फ़र्मेशन, कंपोनेंट खपत, गुड्स रिसीट, ऑर्डर स्टेटस, इंस्पेक्शन रिज़ल्ट और बैच कैरेक्टरिस्टिक वैल्यू।
टेक्निकल रास्ता SAP की Digital Manufacturing इंटीग्रेशन गाइड में है। SAP Cloud Integration और Cloud Connector ज़रूरी मिडलवेयर हैं। मास्टर डेटा और ऑर्डर IDoc के रूप में जाते हैं, और कन्फ़र्मेशन RFC पर BAPI कॉल के रूप में लौटते हैं, S/4HANA को कुछ सीधी कॉल के लिए OData विकल्प के साथ।
मल्टी-प्लांट ग्रुप्स के लिए एक बात मायने रखती है। गाइड कहती है कि एक ग्लोबल SAP Digital Manufacturing सिस्टम सभी प्लांट्स को सँभाल सकता है, कई ERP सिस्टम्स से जुड़ा हुआ, उदाहरण के लिए हर प्लांट या देश के लिए एक।
अगर आप अब भी SAP Manufacturing Execution (SAP ME) या SAP MII चलाते हैं, तो इस बदलाव को अपग्रेड नहीं, नया इम्प्लीमेंटेशन मानें। इंटीग्रेशन गाइड SAP ME इंटीग्रेशन को Resource Orchestration तक सीमित करती है। उनके इर्द-गिर्द प्लान बनाने से पहले SAP के Product Availability Matrix में अपनी रिलीज़ की मेंटेनेंस तारीख़ें जाँचें।
SAP Digital Manufacturing अकेला MES नहीं है जो S/4HANA के ऊपर बैठता है। Siemens Opcenter को मैन्युफ़ैक्चरिंग ऑपरेशंस मैनेजमेंट पोर्टफ़ोलियो बताती है, जिसमें Opcenter Execution MES है और प्लानिंग व शेड्यूलिंग (Opcenter APS), क्वालिटी और लैबोरेटरी के काम के लिए अलग प्रोडक्ट हैं।
आर्किटेक्चर के हिसाब से पैटर्न वही है। ERP योजना बनाता है और लागत निकालता है; Opcenter एक्ज़ीक्यूट करता है और वापस रिपोर्ट करता है। इंटीग्रेशन दो वेंडर्स के बीच बनता है, इसलिए ऊपर की ओनरशिप टेबल और भी ज़्यादा मायने रखती है।
Kinexon अलग तरह का प्रोडक्ट है। यह प्रोडक्शन के स्टेप नहीं चलाता।
Kinexon अपनी पेशकश को UWB टैग के साथ जुड़ा रियल-टाइम लोकेशन सॉफ़्टवेयर या दूसरी लोकेशन टेक्नोलॉजी बताता है। KINEXON OS वह प्लेटफ़ॉर्म है जो टैग्स को प्रोडक्शन ऑर्डर्स से जोड़ता है और तय ज़ोन से होकर गुज़रने वाली हलचल को बुकिंग और अलर्ट में बदलता है।
Kinexon कहता है कि KINEXON OS, SAP Digital Manufacturing और SAP Extended Warehouse Management के साथ काम करता है। इसलिए इसे MES के बगल में एक लोकेशन परत समझें। यह बताता है कि कोई ऑर्डर, पार्ट या वाहन कहाँ है, और वह ट्रांज़ैक्शन ट्रिगर कर सकता है जिसके लिए MES या ERP वरना किसी के हाथ से एंट्री करने का इंतज़ार करता।
तीनों की तुलना ऐसे होती है:
| प्रोडक्ट | क्या करता है | कहाँ बैठता है |
|---|---|---|
| SAP Digital Manufacturing | MES: एक्ज़ीक्यूशन, लाइन पर क्वालिटी, जीनियोलॉजी, OEE, एनालिटिक्स | S/4HANA या ECC के ऊपर, SAP Cloud Integration के ज़रिए जुड़ा |
| Siemens Opcenter | MES और ऑपरेशंस पोर्टफ़ोलियो: एक्ज़ीक्यूशन, शेड्यूलिंग, क्वालिटी, लैबोरेटरी | ERP के ऊपर, किसी भी वेंडर का |
| Kinexon (KINEXON OS) | ऑर्डर, पार्ट्स और वाहनों की रियल-टाइम लोकेशन; इवेंट-आधारित बुकिंग | MES और वेयरहाउस सिस्टम के बगल में, उन्हें इवेंट भेजता है |
आप कोई भी MES चुनें, लूप वही रहता है। ERP तय करता है कि क्या बनाना है; MES उसे बनाता है और ERP को बताता है कि क्या इस्तेमाल हुआ और क्या निकला।
- ERP में प्लानMRP डिमांड से प्लान्ड ऑर्डर बनाता है
- ऑर्डर रिलीज़ऑर्डर, BOM और रूटिंग MES तक जाते हैं
- MES में एक्ज़ीक्यूशनऑपरेटर स्टेप चलाते हैं, क्वालिटी और जीनियोलॉजी दर्ज करते हैं
- वापस कन्फ़र्मयील्ड, स्क्रैप, खपत और गुड्स रिसीट ऊपर जाते हैं
- ERP में लागतस्टॉक, WIP और वेरिएंस फ़ाइनेंस में पोस्ट होते हैं
ERP दिखाता है कि फ़्लोर पर क्या हुआ, लागत के साथ
पाँच इंटीग्रेशन पैटर्न ज़्यादातर वह कवर करते हैं जो आप डिज़ाइन करेंगे:
- मास्टर डेटा रेप्लिकेशन। किसी भी ऑर्डर से पहले मटीरियल, वर्क सेंटर और क्लासिफ़िकेशन ERP से MES तक जाते हैं। अगर MES कोई ऑर्डर रिजेक्ट करे, तो पहले मास्टर डेटा जाँचें।
- ऑर्डर डाउनलोड। रिलीज़ हुए ऑर्डर अपने BOM और रूटिंग या रेसिपी के साथ जाते हैं। तय करें कि रिलीज़ के बाद बदलाव की अनुमति है या नहीं, और बदलाव होने पर किस सिस्टम की बात मानी जाएगी।
- कन्फ़र्मेशन अपलोड। यील्ड, स्क्रैप और समय हर ऑपरेशन या हर ऑर्डर के हिसाब से वापस जाते हैं। फ़्रीक्वेंसी एक डिज़ाइन फ़ैसला है जिसका असर लागत पर होता है, कोई टेक्निकल बारीकी नहीं।
- मशीन और सेंसर डेटा। मशीन के सिग्नल MES या एक एज परत तक जाते हैं, सीधे ERP तक नहीं। आगे सिर्फ़ बिज़नेस नतीजा जाना चाहिए, जैसे कोई गिनती या डाउनटाइम की वजह।
- ट्रैकिंग से इवेंट ट्रिगर। Kinexon जैसे प्रोडक्ट से आने वाले लोकेशन या सेंसर इवेंट अपने आप बुकिंग पोस्ट कर सकते हैं। तय करें कि इवेंट ग़लत होने पर उसे कौन ठीक करेगा।
नेटवर्क बंद होने की स्थिति के लिए प्लान करें। अगर क्लाउड से कनेक्शन टूटने पर लाइन रुक जाती है, तो MES में लोकल एक्ज़ीक्यूशन डिज़ाइन करें, उदाहरण के लिए एज कंप्यूटिंग के लिए SAP Digital Manufacturing के साथ। तय करें कि कनेक्शन लौटने पर रुका हुआ बैकलॉग कैसे पोस्ट होगा।
एक्ज़ीक्यूशन से पहले आप प्लानिंग कैसे करते हैं, यह अलग फ़ैसला है। मेरी SAP PP गाइड ERP का पक्ष कवर करती है, और इसी सीरीज़ का MRP Live बनाम PP/DS बनाम IBP वाला लेख बताता है कि प्लानिंग टूल को कब अगले स्तर पर ले जाना है।
MES जो भी कन्फ़र्मेशन वापस भेजता है, वह ERP में लागत बन जाता है। अगर फ़ाइनेंस ने डिज़ाइन पर सहमति नहीं दी है, तो इंटीग्रेशन बस बहस को मंथ-एंड तक खिसका देता है।
मेरे अनुभव में मैन्युफ़ैक्चरिंग ERP प्रोजेक्ट फ़ेल होने की सबसे आम वजह यह है कि डिज़ाइन पर पूरी तरह सहमति नहीं बनती, ख़ासकर फ़ाइनेंस में। MES इसे और बिगाड़ता है, क्योंकि वह उन पोस्टिंग्स को कई गुना कर देता है जिनके साथ फ़ाइनेंस को जीना पड़ता है।
ये वे ग़लतियाँ हैं जिनके ख़िलाफ़ प्लान करना है:
- ERP और MES का स्कोप अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के रूप में तय करना। दो टीमें, दो डिज़ाइन और एक इंटरफ़ेस जिसका कोई मालिक नहीं। दोनों पर एक ही डिज़ाइन अथॉरिटी रखें।
- ओनरशिप को खुला छोड़ देना। अगर दोनों सिस्टम ऑर्डर बदल सकते हैं, या दोनों स्क्रैप दर्ज करते हैं, तो आपको दो जवाब मिलते हैं। कॉन्फ़िगरेशन से पहले ओनरशिप टेबल भरें।
- फ़ाइनेंस के बिना कन्फ़र्मेशन डिज़ाइन करना। कन्फ़र्मेशन की फ़्रीक्वेंसी, बैकफ़्लशिंग, स्क्रैप की वजहें और एक्टिविटी टाइप तय करते हैं कि मंथ-एंड पर WIP और वेरिएंस कैसे दिखेंगे। इन पर सिर्फ़ प्लांट मैनेजर से नहीं, कंट्रोलर से सहमति लें।
- मशीन डेटा ERP को भेजना। ERP कोई हिस्टोरियन नहीं है। कच्चे सिग्नल MES या किसी एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म में रखें, और ERP को सिर्फ़ वही भेजें जो वह पोस्ट करता है।
- हर सिस्टम को अकेले टेस्ट करना। MRP से लागत तक पूरा लूप टेस्ट करें, असली ऑर्डर, असली स्क्रैप और असली रिवर्सल के साथ। टेस्टिंग में प्रोग्राम की लगभग 35 प्रतिशत मेहनत जाती है, और टीमें इंटरफ़ेस टेस्ट ही काटती हैं।
- खुले ऑर्डर्स का कटओवर भूल जाना। जो ऑर्डर go-live पर आधे बने हैं, उनके लिए नियम चाहिए कि कौन-सा सिस्टम उन्हें पूरा करेगा। ये नियम माइग्रेशन के दौरान नहीं, उससे पहले लिखें।
- ऑपरेटर्स को ERP पर ट्रेनिंग देना। ऑपरेटर MES में काम करते हैं। उन्हें वहीं ट्रेनिंग दें, शिफ़्ट के हिसाब से, उनकी अपनी लाइनों पर।
मास्टर डेटा के लिए अलग चेतावनी ज़रूरी है। BOM, रूटिंग और वर्क सेंटर दोनों सिस्टम्स को फ़ीड करते हैं, और ERP में ग़लत रूटिंग लाइन पर ग़लत इंस्ट्रक्शन बन जाती है। मैन्युफ़ैक्चरिंग में SAP वाला मेरा लेख मास्टर डेटा चेकलिस्ट कवर करता है।
प्रोडक्ट डेमो से नहीं, ओनरशिप टेबल से शुरू करें। प्लांट मैनेजर, कंट्रोलर और IT लीड को एक कमरे में बिठाएँ और ऊपर की टेबल का हर रिकॉर्ड किसी एक सिस्टम को सौंपें।
फिर अपने ERP और प्लांट्स से मेल खाने वाला MES चुनें, और इंटीग्रेशन का स्कोप ERP प्रोग्राम के हिस्से के रूप में तय करें, उसके अपने टेस्ट साइकिल के साथ। इसका बजट भी प्रोग्राम के अंदर ही रखें; इसी सीरीज़ का मैन्युफ़ैक्चरिंग ERP की लागत वाला लेख दिखाता है कि वह पैसा कहाँ जाता है।
अगर आप कमिट करने से पहले ERP और MES डिज़ाइन पर स्वतंत्र राय चाहते हैं, तो मैं मैन्युफ़ैक्चरर्स की इसमें मदद करता हूँ। आप यहाँ मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
ERP और MES में क्या अंतर है?
ERP दिनों और हफ़्तों में प्रोडक्शन की योजना बनाता है, ख़रीद करता है, लागत निकालता है और हिसाब रखता है। MES सेकंड और शिफ़्ट में शॉप फ़्लोर पर प्रोडक्शन एक्ज़ीक्यूट करता है, और ऑपरेटर स्टेप, मशीन डेटा, क्वालिटी चेक और जीनियोलॉजी दर्ज करता है।
दोनों एक लूप की तरह काम करते हैं। ERP ऑर्डर नीचे भेजता है, और MES कन्फ़र्मेशन, खपत और गुड्स रिसीट वापस भेजता है ताकि ERP स्टॉक और लागत पोस्ट कर सके।
SAP Digital Manufacturing क्या है?
यह SAP का क्लाउड MES है। SAP के फ़ीचर स्कोप डिस्क्रिप्शन के अनुसार यह प्रोडक्शन एक्ज़ीक्यूशन, इश्यू रिज़ॉल्यूशन, इनसाइट्स और एज कंप्यूटिंग कवर करता है।
यह SAP Cloud Integration और Cloud Connector के ज़रिए SAP S/4HANA या SAP ECC से मास्टर डेटा और प्रोडक्शन या प्रोसेस ऑर्डर लेता है। यह कन्फ़र्मेशन, खपत, गुड्स रिसीट और इंस्पेक्शन रिज़ल्ट वापस भेजता है।
अगर मेरे पास SAP S/4HANA है तो क्या मुझे MES चाहिए?
हमेशा नहीं। सीधे-सादे प्रोडक्शन वाला एक प्लांट अक्सर ऑर्डर सीधे S/4HANA में कन्फ़र्म कर सकता है।
MES तब चाहिए जब आपको लाइन पर स्टेप-दर-स्टेप कंट्रोल, पूरी बैच या सीरियल जीनियोलॉजी, रियल-टाइम मशीन डेटा, या कई प्लांट्स में एक प्रोडक्शन स्टैंडर्ड चाहिए।
क्या Siemens Opcenter, SAP Digital Manufacturing का विकल्प है?
हो सकता है। दोनों MES प्रोडक्ट हैं जो ERP के ऊपर बैठते हैं। Siemens Opcenter एक मैन्युफ़ैक्चरिंग ऑपरेशंस मैनेजमेंट पोर्टफ़ोलियो है, जिसमें Opcenter Execution इसका MES है, साथ में शेड्यूलिंग, क्वालिटी और लैबोरेटरी प्रोडक्ट।
चुनाव आपके प्लांट्स, आपके ऑटोमेशन और आपके ERP पर निर्भर करता है। दोनों ही स्थितियों में, इंटीग्रेशन बनने से पहले तय करें कि हर रिकॉर्ड किस सिस्टम के पास रहेगा।
मैन्युफ़ैक्चरिंग में Kinexon क्या करता है?
Kinexon रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग देता है। इसका KINEXON OS प्लेटफ़ॉर्म लोकेशन टैग्स को प्रोडक्शन ऑर्डर्स से जोड़ता है और जब कोई ऑर्डर किसी तय ज़ोन से गुज़रता है तो बुकिंग और अलर्ट ट्रिगर कर सकता है।
यह MES नहीं है। Kinexon कहता है कि यह SAP Digital Manufacturing और SAP Extended Warehouse Management के साथ काम करता है और उन्हें लोकेशन इवेंट भेजता है।
क्या SAP ME या SAP MII को SAP Digital Manufacturing में अपग्रेड किया जा सकता है?
इसे अपग्रेड नहीं, नए इम्प्लीमेंटेशन के रूप में प्लान करें। SAP की इंटीग्रेशन गाइड SAP Digital Manufacturing के SAP ME के साथ इंटीग्रेशन को Resource Orchestration तक सीमित करती है।
SAP के Product Availability Matrix में अपनी SAP ME या MII रिलीज़ की मेंटेनेंस तारीख़ें जाँचें, और इस बदलाव के हिस्से के रूप में ERP और MES की ओनरशिप दोबारा डिज़ाइन करें।
अगला कदम
क्या आप अभी कोई ERP प्रोग्राम चला रहे हैं?
अगर यह लेख किसी ऐसे प्रोग्राम से जुड़ा है जिसमें आप अभी काम कर रहे हैं, तो 30 मिनट की बातचीत अक्सर एक और हफ़्ते के अंदरूनी विश्लेषण से ज़्यादा आगे ले जाती है।




